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राजनीति

बारिश बनी मौत की वजह, कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में 17 लोगों की जान गई

बारिश बनी मौत की वजह, कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में 17 लोगों की जान गई

अ चानक बारिश, अफरातफरी और मौत, कोलकाता पंडाल हादसे की दर्दनाक कहानी कोलकाता। कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान अचानक बारिश शुरू होने से लोग बचने के लिए एक साथ अंदर की ओर जाने लगे। इस दौरान कुछ लोग फिसलकर गिर गए और भीड़ में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना उस समय हुई, जब पंडाल में भारी भीड़ थी। बारिश से बचने के लिए कई लोग एक साथ अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इससे वहां भीड़ का दबाव बढ़ गया और कुछ लोग गिर पड़े। इस घटना में 17 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की खबर है। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि दुर्गा पूजा के 91 साल के इतिहास में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई थी। यह पहली बार है जब पंडाल में ऐसी स्थिति बनी। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक बारिश शुरू होने के बाद लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए तेजी से अंदर जाने लगे। इस दौरान भीड़ में धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी और कुछ लोग संतुलन खोकर गिर गए। लोगों के गिरने से वहां अफरातफरी बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंडाल में पहले से ही काफी भीड़ थी। बारिश शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग एक साथ अंदर की ओर बढ़े, जिससे स्थिति बिगड़ गई। स्थानीय लोगों ने भीड़ के दबाव और बारिश को इस घटना की प्रमुख वजह बताया। एक स्थानीय ने बताया कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यह पहली बार है जब ऐसी घटना घटी है। अचानक बारिश शुरू हो गई, जिसकी वजह से कुछ लोग फिसलकर गिर गए और वहां भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों को शायद मामूली चोटें भी आई हैं। वहीं, एक अन्य ने कहा कि वहां बहुत भीड़ थी और इसी अफरा-तफरी में लोग गिर गए। एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि बारिश की वजह से सब लोग एक साथ अंदर की तरफ भागे और इसी तरह यह स्थिति पैदा हो गई।
देशबन्धु

देशबन्धु

• 2hr ago

खरगे-राहुल ने कोलकाता में भगदड़ की घटना पर जताया गहरा दुख

खरगे-राहुल ने कोलकाता में भगदड़ की घटना पर जताया गहरा दुख

देशबन्धु

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•3hr ago
कोलकाता भगदड़ पर शाह ने जताया दुख, रविवार के सभी कार्यक्रम किये रद्द

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देशबन्धु

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•3hr ago
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कोलकाता हादसे के बाद पूजा समिति के सदस्य और सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी हिरासत में: समिक भट्टाचार्य

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समाचार नामा

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•3hr ago
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विश्व

पाकिस्तान में हाईवे पर हथियारबंद हमलावरों का तांडव, 20 पुलिसकर्मी बस से अगवा

पाकिस्तान में हाईवे पर हथियारबंद हमलावरों का तांडव, 20 पुलिसकर्मी बस से अगवा

पा किस्तान के अशांत बलूचिस्तान क्षेत्र में शनिवार को हुई अपहरण की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कलात जिले के एक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बीस प्रशिक्षु अधिकारी सप्ताहांत की छुट्टी बिताने के लिए अपने घरों की ओर जा रहे थे। उनकी बस जब मस्तुंग के पास क्वेटा-कराची राजमार्ग से गुजर रही थी, तभी मोटरसाइकिलों पर सवार हथियारबंद लोगों ने उसे रोक लिया। हमलावरों ने चालक को अपने नियंत्रण में लेकर वाहन आगे ले जाने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने बस में मौजूद प्रशिक्षुओं को अपने साथ ले लिया। चालक और तीन अन्य नागरिकों को छोड़ दिया गया, लेकिन बीस प्रशिक्षु उनके कब्जे में रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लापता पुलिसकर्मियों का पता लगाने के लिए अभियान शुरू किया। मस्तुंग के पास वारदात, हमलावरों की पहचान अब तक नहीं पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना में शामिल लोगों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अभी तक किसी संगठन ने इस अपहरण की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रशिक्षुओं को निशाना बनाने के पीछे क्या मकसद था और उन्हें किस दिशा में ले जाया गया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि अगवा किए गए लोगों को कहां रखा गया है। सुरक्षा बलों की प्राथमिकता सभी प्रशिक्षुओं को सुरक्षित बरामद करना है। इस वारदात ने प्रमुख मार्गों पर यात्रियों और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अलगाववादी संगठनों के खिलाफ अभियान के बीच बढ़ी चुनौती बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और आतंकी गतिविधियां पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। पाकिस्तानी बल प्रतिबंधित अलगाववादी संगठनों और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े संदिग्धों के विरुद्ध खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान चलाते रहे हैं। ऐसे माहौल में प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों का सामूहिक अपहरण सुरक्षा तंत्र के सामने नई मुश्किल खड़ी करता है। हालांकि, इस मामले में किसी विशेष संगठन की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए घटना के पीछे किसी समूह का हाथ होने को लेकर फिलहाल अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। जुलाई के हमलों की याद, पहले भी निशाने पर रहे सुरक्षाकर्मी बलूचिस्तान में पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले पहले भी हो चुके हैं। जुलाई में प्रांत के कम से कम तीन स्थानों पर हमले हुए थे। जियारत के मंगी बांध इलाके की पुलिस चौकी पर हुए हमले में 27 पुलिसकर्मियों की मौत की सूचना सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने पहले नौ पुलिसकर्मियों की हत्या की और बाद में 18 अन्य को अगवा कर लिया। इन लोगों के शव बाद में जियारत के नजदीक जरगून के पहाड़ी इलाके में मिलने की बात कही गई थी। फरवरी में बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सैनिकों को बड़े पैमाने पर मारने का दावा भी किया था, हालांकि ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से जरूरी होती है। पिछले महीने भी हाईवे पर 23 लोगों का अपहरण बीते महीने कलात क्षेत्र में राजमार्ग पर स्थित एक चौकी से 23 लोगों को अगवा किए जाने की घटना सामने आई थी। बाद में सुरक्षा बलों ने अभियान चलाकर पांच आतंकियों को मार गिराने और अपहृत सभी लोगों को सुरक्षित छुड़ाने की जानकारी दी थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय आबादी और सरकारी तंत्र में चिंता बढ़ी है। अफगानिस्तान की सीमा से सटा बलूचिस्तान भौगोलिक और सुरक्षा के लिहाज से पाकिस्तान का संवेदनशील प्रांत माना जाता है। अब ताजा मामले में सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीसों प्रशिक्षुओं को सुरक्षित वापस लाना और हमलावरों तक पहुंचना है। फिलहाल उनकी बरामदगी और अपहरण के पीछे की वजह को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
जनभावना टाइम्स

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• 50m ago

कनाडा टूटने की आहट के बीच कार्नी को भारत की याद, अल्बर्टा के भारतीयों से क्यों लगा रहे उम्मीदें

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जनभावना टाइम्स

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फ्रांस में महंगाई के खिलाफ उबाल, आगजनी-तोड़फोड़

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हिन्दुस्तान

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चितवन राष्ट्रीय निकुंज में ई-टिकटिंग सेवा शुरू, अब घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे पर्यटक

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हिन्दुस्तान

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•3hr ago
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अपराध

खेतासराय में नहर मार्ग पर युवक को घेरकर पीटा, चार अज्ञात हमलावर फरार

खेतासराय में नहर मार्ग पर युवक को घेरकर पीटा, चार अज्ञात हमलावर फरार

जौ नपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर जिले के खेतासराय थाना क्षेत्र में नहर मार्ग पर शनिवार दोपहर दो बाइकों से पहुंचे चार युवकों ने एक राहगीर को रोककर लाठी-डंडों और पंच से हमला कर दिया। मारपीट में युवक मुस्तकीम गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर स्थानीय लोगों को मौके पर आता देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र के कोतवालिया कलापुर गांव निवासी सलीम पुत्र चुन्नू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका भाई मुस्तकीम शनिवार दोपहर करीब दो बजे गुरैनी से घर लौट रहा था। इसी दौरान नहर मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे चार युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद हमलावरों ने लाठी-डंडों और हाथ में पहने पंच से उसकी पिटाई कर दी। हमले में मुस्तकीम लहूलुहान हो गया। लोगों को जुटते देख आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले। खेतासराय क्षेत्र में पिछले एक महीने के दौरान मारपीट और हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें रुधौली के ग्राम प्रधान राजेश गुप्ता, मिल संचालक विनोद विश्वकर्मा, उदयराज प्रजापति और विजय बहादुर यादव के साथ हुई घटनाएं शामिल हैं। बीते 30 सितंबर को खुदौली वन विहार के पास जूता व्यवसायी नितेंद्र सिंह उर्फ गुड्डू पर भी हमला किया गया था। हालांकि, ताजा घटना का पिछली वारदातों से कोई संबंध है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता है। उन्होंने नहर मार्ग, सफीपुर जंगल सहित अन्य सुनसान स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
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